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Summary
असम बाढ़ की सबसे दर्दनाक कहानी असम बाढ़ में एक लड़की की मौत हो गई थी जो अपने पिता को बचाने के लिए तैरकर आई थी
“अरे मैंने कोई सपना में नहीं चुका था कि मैं अपने मॉमी को खूब पाओ अल्लाह बोल रहा है तुम्हारा बीबी दुख गया भी दुख दुख और मैं इन सब चलकर चला गया”From the report
कि उनलोग है उसके प्रदेखाया क्या हो तुम्हारा मां खून दिखो एक बान दिखने के बाद ने सक रहे उन लोग अर्मी खूद नहीं समझ में नहीं है मां को क्या सूरा है माघ यहां क्या सूर रहा है यामी इसे गाव हो चुटा लड़की नहीं नहीं मैंने कोई सपना में नहीं चुका था कि मैं अपने मॉमी को खूब पाओ अल्लाह बोल रहा है तुम्हारा बीबी दुख गया भी दुख दुख और मैं इन सब चलकर चला गया जानके बाद तक वह मुख यह पड़ी था मैं सोचो कहां उसको दफन करो कहां क्या करो मियोगरात समझ में नहीं आ रहा था क्या बताओ वह मेरे लास्त मेरा बेटी को दिखाए खुद में रूण नहीं आ रहा है लेकिन रूप नहीं पा आ रहा जिंदा हो, जिंदा लास वेसे से उनका नाम था रिहाना अरा एहनेदा कहानी बहुत ही दर्गनात है उनको तैरना आता था अपने माबाब को बचाने के लिए वापस आएं और वापस जब आएं इस वज़े से उनकी डेथ हो गए थी