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Summary
जेपीसी आंदोलन, शुनम वांचुक, जारखंड, भूख हड़ताल, सत्याग्रह, अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल, सरकार की सुनवाई, छात्र आंदोलन, न्याय की लड़ाई, केंद्र सरकार, मुख्यमंत्री जी के पिता शिवु स्वरेंजी का पुण्यतिथि
From the report
कि अ कि अ कि हम हाथ जड़के बिंति करते हैं सोनमांचुक सर से यह वीडियो अगर पहुंच रहा है तो हम लोग से कृपया करके बात करिए अ कि ऑलड़रेडी रेस्ट चाहिए था इलाज चाहिए था लेकिन रेस्ट और इलाज को छोड़कर पर अन्य को त्याग किए और जल गरना भी इसलिए नहीं कर रहे हैं कि हम चाहते हैं सरकार मेरा बात जल्दी से जल्दी सुनें इस वक्त रात के तकरीबन देड़ बज रहे हैं और चार अगस्त है हम लगातार आपको जारखंड के जेपीसी का जो आंदोलन हो रहा है उसके बारे में बात कर रहे हैं और यहाँ ते शायद आपने कुछ दृष्य देखे होंगे जिसमें शुनम वांकचुक की चरचा भी की जा रहे है इस आंदोलन में आपने जन्तर मंतर में शुनम वांकचुक की चरचा सुनी लेकिन आज मैं मौजूद हूँ ज्जारखंड के सोनम मांकचुक के साथ में और ये देवेंद्र महतु जी हैं जो की अंशन कर रहे हैं अनिश्यत कालीन भूख अर्ताल कर रहे हैं और अभी फिलाल वो पानी भी नहीं पी रहे हैं पान सी दिनी स्थिती आप आज कितने दिन हो गई हाँ कि सें कर सकते हुए? हम दारिये सेत को थी के लिए हठेवर की अनलियों के साथ हो गया है। पिराप्तसुक लोग दर्चा आप तुलना की जा रही है? जा रहा है कि आप झारखंड के सूनम मांचुक है यह तुलना जब सुन रहे हैं तो आपको कैसा लग रहा है कि जिस सूनम मांचुक सर तो बहुत महान व्यक्ति है और हम लोग एक छात्र है लेकिन जरूर उनसे प्रेरणा लेकर कि हम लोग अपना नियाय की लड़ाई लड़ रहे हैं और हम लोग को विश्वास है कि सनुम मांचुग सर के संघर से केंद्र की सरकार मान सकती है, इस्तिपा दे सकती है तो हम लोग छात्र लोग उनके मार्क पर चल करके हम लोग को भी जरूर नियाय मिले गए 2 14 2 और उस जाज़ पे जो दो मामला सामने आया है एक टेडीपियल एजन्सी बिलेकलिस्टेट एजन्सी और कभाई तिवारी यह दोनों से जुड़ हुए जितने परिछा यारिए तब्को अरदि किया जाए और ही सारे करीचा चाहुए अच्छा जाए और जिसका जिसका नाम आया दिलुकतय से जानकर है और रिफॉरम किया जाए अभी तक आप भोजन नहीं कर रहे थे लेकिन अभी हम सुन रहे पानी भी नहीं पी रहे हैं, आपने यह फैसला क्यों किया है? हम तो भूखड़ताल का सर्थ को पालन करने का फैसला लिया है, लेकिन इस लड़ाई को हम 5 जुलाई से लड़ रहे हैं, इस आंदोलों का सुत्रदार हैं हम, और 25 जुलाई से हम सत्यागरा का सुरुवात किये थे और 10 दिन दिवारात्री सत्यागरा किये, 10 दिनों से हमको नीद भी नहीं है। और जब इस भूखड़ताल का अन्य का त्याग किये, उस वक्त मेरा बहुत ठकान था सरीर में, अलड़ेड़ी रेस्ट चाहिए था, इलाज चाहिए था, लेकिन हम रेस्ट और इलाज को छोड़ करके अन्य को त्याग किये, और जल गरन अभी इसलिए नहीं कर रहे हैं कि हम चाहते हैं सरकार मेरा बात जल्दी से जल्दी सुनें अभी आज जो डॉक्टर आये थे उनका साफ कहना था कि अपका सुगर अपका 90 तक आ गया पचास तक होगा तो आप बेहुस हो जाएंगे बीपी भी लोग हो रहा है बदन पे दर्द भी है आपको सलाइन लोट की आवशकता है तो हमने मना कर दिया है हम चाहते हैं कि आज चार तारीक है आज दिसुम गुरु शिवु स्वरेंजी का पहला पुन्यतिति है जो मानिय मुख्यमंत्री जी के पिता जी है और एक घटना हमको याद आता है जब शिवु स्वरेंजी का द्यानत हुआ था तो दस्वा से एक दिन पहले हम उनका घहर गये थे दबाव दो बजे के आसपास तो परसाशन का सारा प्रोटोकल बंध हो गया था एक लाट लगाने वाले बच्चे को हम बोले थे कि जोराया थे तो आज उनका पिताजी का पुन्यति थे है और हुआ था जी एक अंदुरंकारी है और वाजर हमारे बिच्छम सरीर नहीं है भगवान विरषामुंडा भी सह शरीर नहीं है तो आज हम लोग उसके रास्ते पर चल रहे हैं पिताजी के रास्ते चल रहे हैं, तो हम चाहते हैं जल को भी त्याग करके, फिलाल कि हम जब तक मेरा आखरी आवस्ता नहीं आएगा, हम जल भी नहीं लेंगे, तो जल्दी से जल्दी हमारे मांगो को मानने हैं, क्योंकि बहुत लंबा समय हो रहा है, एक महिना का हो गया प्र आया आपको क्या लग रहा है क्यों इतना नजरंदास किया जा रहा है आपको देखिए सब तो थोड़ा वह यह अपने पिताजी के रास्ते नहीं चल रहा है मुख्यमंत्री जी क्योंकि पिताजी जो गुरुजी दिसुन गुरुशी भुस्वरंजी थे वह लोगों पर जाते थे बात करते थे वह इस तरह का न्याय के लड़ाई लड़ते थे वह खुद छात्र के अधिकार के लिए छात्र संगठन का भी अस्तापना किया थे लेकिन उनका बेटा होते भी अपने पिताजी का बताया मार्क पर भी नहीं चल रहे दुरभाईक है पता नहीं सकता क्या यही होता है कि ताजी कभी बताए मार्क और विचार पर नहीं चलना चाहिए यह बहुत बड़ा विडम बना है हम आपको सभी परेशान नहीं करेंगे आपको सोनम वांचुक कहा जा रहा है झारखंड का क्या आपकी इस बीच में सोनम वांचुक जी से बात हो पाई क्या आपकी कोई भी संपर्क हुआ हमसे नहीं हो पाई है कि आप उनसे संपर्क करना चाहेंगे आपको ही ना चाहिए हम अच्छा भी जताया कई चैनल पर कि एक बार अगर उनसे हमारा वीडियो कोल में बात करें और अगर संभव हो तो आ जाएं तो यह तो हम लोग के लिए बहुत बड़ी बात हो जाएगी लेकिन वीडियो को विभाग हो जाएगा तो बहुत खुशनसीब है हम लोग तो आपका चैनल से हम आगरा कर रहे हैं अगर आवाज जा रही है तो चुकी हम भी अन का त्याग कर चुकी है मेरा भी बदन का दर्द है हम ज़्यादा बात करने के विष्ठिति में नहीं है और यह 26 साल का यह दर्द है दिल्ली में जो नियाय दिलाय छात्र को सोनम बांचुक सर वो एक पेपर लिख का मामला था और वो भ रास्ते पर चल कि हम लोग इतना बड़ा प्रोटेस्ट कर रहे हैं तो अगर उनका हम लोग आसाद मिलेगा तो 26 साल से जो भटक रहे हैं छात्र उनको न्याय मिल जाएगा तो हम हाथ जोड़कर बिंति करते हैं सोनम वांकशुक सर से यह वीडियो अगर पहुंच रहा है तो हम लोग से कृपया करके बात करिए तो यह देखिए देवेंद्र महत्व जी है भारत का संविधान लेकर के पीसे तिरंगा लगा हुआ है और मैं उससे कहूंगा कि इधर भी अनुष दिखाएं कि इस तरफ सुनम वांकचुक के साथ उनकी तस्वीर भी है और लगातार यहां पर छात्र और साथ में देवेंजी भी यही मांग कर रहे हैं कि जो जेपीसी की अनिमित्ताएं हैं जितनी भी तरीके से जो बच्चों के हथ की चीजें हैं वो धन्ना सेठों को बेची जा रही हैं उनकी जो सरकार नहीं ले रही है और अगर नजरंदास कर रही है तो इसका जवाब क्या है यह तो बेहतर सरकार ही बताएगी कैमरे के पीछे है अनुझ मेरा नाम हम कोशिश चौहान बहुत-बहुत शुक्रिया