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अयोधे गिराम मंदिर चड़ावा चोरी मामले में एक नया मोड आया है दवायर की रिपोर्ट के रुसार इस मामले में बिहिस लबलोवर और मंदिर ट्रेस्ट के पूरु एकाउंटेस हेड माही पाल सिंग ने 27 जुलाई को जांच कर रही SIT को email के जरीए अपना बयान भेजा है
“राम मंदिर की निर्माल पर करीब 2200 करोड रुपए खर्च हुए जबकि इसकी अन्मानित लागत 800 करोड रुपए बताए गई थी”From the report
अयोधे गिराम मंदिर चड़ावा चोरी मामले में एक नया मोड आया है दवायर की रिपोर्ट के रुसार इस मामले में बिहिस लबलोवर और मंदिर ट्रेस्ट के पूरु एकाउंटेस हेड माही पाल सिंग ने 27 जुलाई को जांच कर रही SIT को email के जरीए अपना बयान भेजा है बता दे 20 लबलोवर एक ऐसा विक्ती को कहा जाता है जो किसी संस्था या संगठन के अंदर हो रहे कथित विष्टाचार या गलत कामों की जानकारी सरवजनिक करता है या जांच जनसियों को देता है मही पाल सिंग का कहना है कि राम मंदिर की निर्माल पर करीब 2200 करोड रुपए खर्च हुए जबकि इसकी अन्मानित लागत 800 करोड रुपए बताए गई थी उन्होंने ये भी आरोप लगाया है कि ट्रेस्ट की पूर्व सच्यू चमपत राय की कारेकाल में कुछ ऐसी जमीने खरीदी गई जिनका कबजा आज तक खरीददारों को नहीं मिला इसके अलावा मही पाल सिंग ने चमपत राय की पूर्व ड्राइबर टिन्नू यादव पर भी गंभीर आरोप दोहराए हैं उनका दावा है कि टिन्नू यादव उन लोगों में सामिल थे जो मंदिर में आये नगच चढ़ावे की गिंती करते थे आरोपे की गिंती की दोरान वह कुछ नोटों के बंडल और चड़ावे में आई कुछ दूसरी चीजे अपने साथ ले जाते थे हलाकि ये सभी आरोप मही पाल सिंग के हैं और उनकी अधिकारित पुष्टी अभी नहीं हुई है मामले की जाँग SIT कर रही है इसी बीच हाली में आयोध्यक में कई सादु संतों ने चमपतराय के समर्थन में उन्हें क्लिन चिट देने की मांग भी की है