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Summary
बीजेपी नेता बृजभूशन शरन सिंग को जमानत मिल गई है। दिल्ली के राव जवन्यू कोट ने महिला पहलवानों से जुड़े यौन सोशन मामले में उन्हें बरी कर दिया।
From the report
बीजेपी नेता बृजभूशन शरन सिंग को जमानत मिल गई है। दिल्ली के राव जवन्यू कोट ने महिला पहलवानों से जुड़े यौन सोशन मामले में उन्हें बरी कर दिया है। और ये पिछले अगर चार पांच साल अगर आप गिनेंगे तो सबसे बड़ा मामला है उत्तर प्रदेश का क्योंकि उत्तर प्रदेश में बृजभूशन शरन सिंग की साख कितनी बड़ी है ये आपको बतानी की जरूरत हमें नहीं है और जब उन पर ये आरोप लगे थे तो पूरा बवाल मच गया था उत्तर प्रदेश में क्यों ऐसे मचा था वो हम आगे बताएंगे लेकिन F.I.E.R. तक नहीं लिखी गई थी इतना ज्यादा प्रेशर था पुलिस पे कि F.I.E.R. तक नहीं लिखी गई कम्प्लेइन होने के बावजूद कोट को दखल देना पड़ा था उसके बाद F.I.E.R. लिखी गई थी उसके बाद जंतर मंतर पर जो प्रदर्शन हुआ से होकर पूरे उत्तर पदेश, पूरे भारत में घूमता है और अब राउजवेन न्यू कोट, दिल्ली के राउजवेन न्यू कोट ने बरी कर दिया है, तो पूरा मामला क्या रहा पूरे चार साल में क्या क्या कुछ हुआ हम उसको एक बार उस याद को आपस से ताजा करने की कोशिश करेंगे के साथ ही यह भी समझने का प्रयास करेंगे कि जो दिल्ली के राज अवनी को उसने क्या कहा है और अपने महिला पहलवानों की तरफ से क्या-क्या बयान आ रहे हैं बिचर डे रहे हैं उनके बेटे क्या कहते हैं सब कुछ आपको आप आज फैसला आया दिल्ली के रावजवनी कोर्ट में जिसमें यह कहा गया कि पूर्वसांसत बृजभूषण सिंह और जो भारतीय कुष्टी संग के पूर्व सचिव हैं विनोध तोमर उन्हें बरी कर दिया जाता है। अब जब बरी हुए तो उसके बाद सबसे पहले बृजभूशन सिंग का बयान आया। उन्होंने ये कहा कि जज ने कहा है कि बृजभूशन और विनोत्तुमर आप लोगों को बाई इजद बरी किया जाता है। ये उनके शब्द हैं। उन्होंने कहा कि मैंने पहले भी कहा था कि अगर कोई आरोप साबित हो जाएगा, तो मैं फासी पर लटक जाओंगा, मेरे लिए ये खुशी का दिन है, होई सोई जो राम रची राखा. अब ये जो मामला है ये कितना पुराना है इसके लिए आपको चार साल पहले चलना होगा जन्वरी 2023 ये मामला सबसे पहले सामने आया पहलवान विनेश फोगार्ट साक्षी मलिक और इनके साथ भी कई महीला पहलवान थी जिनोंने बृज़ भूशन सरन सिंग के खिलाफ कारवाई की मांग करते वे दिल्ली के जंतर मंतर पर धर्णा दे दिया था और बृज़ भूशन तब केवल सांसद नहीं थे वो WFI के प्रसिडेंट भी थे ब्रिज भुशण पर 6 महीला पहलवानों ने यौंसो फंस्ट का आरोप लगाया था वह इसलिए इतना बड़ा हो गया था कृपयान ट्वीरक्ष ड्फॅ अपना ना-बालिक महीला थी थी और ना-बालिक में 6 महीला पहलवानों का जोचित बढ़ती थी बहुत बड़ा मामला हो गया था और जो आरोप लगाए गए थे वह भी आप सुन लीजिए सबसे पहला आरोप था कि इलाज के इलाज के बदले सेक्शुल फेवर मांगा गया था बुलगारिया में उस वक्त वर्ल्ड जूनियर रस्लिंग चैंपियंशिप हो रहा था और इसी दौरान कहा गया कि ब्रिज भूषण ने महिला पहलवान को अकेले बुलाया टीचर्ट ऊपर उठाया फिर सांस चेक करने के बहाने उसे चुआ 2022 में जापान में एक कंपडीशन में चोट लग गई थी महिला पहलवान को तो इंडिया लौटने पर बुशन ने उसे फेडरेशन के ऑफिस बुलाया और इलाज के बदले सेक्शुअल फेवर मांगा था यह पहला आरोप दूसरा आरोप दूसरे महिला पहलवान ने लगाया जो की कज़िक किस्तान में ग्राउंड मैट पर स्ट्रेचिंग वाम अप कर रही थी अब जब वो मैट पर लेटी होई थी तब क्या होता है कि अचानक से बृज़ भूषिन शरम सिंग उनके करीब आकर उसकी टीशर्ट उपर खींच देते हैं और छाती पर हाथ रख देते हैं और वो महिला पहलवान वहाँ से भाग जाती है ये दूसरा आरोप है अब जो तीसरा आरोप है वो लखनऊ से जुड़ा हुआ है लखनऊ में चैंपियन शिफ्ट था और उसी में ग्रूप फोटो के दौरान क्या हुआ कि ब्रिजबूशन शरंज सिंग ने एक महिला पहलवान के पीछे कमर के नीचे हाथ रखा और वहाँ से जाने की कोशिश की उस महिला पहलवान ने तो ब्रिजबूशन शरंज सिंग ने जोर से कंधा पकड़ लिया और फिर बहलवान ने विरोध किया तो धंकाया था अब यह सारी चीजें आपको दिखाई दे रही होंगे लेकिन इसके अलावा भी और सारे आरोप है एक आरोप और सुन लीजिए एक कंपटीशन में गोल्ड मिडल एक महिला बहलवान ने जीता तो बृजभूषण शरंग सिंह ने उन्हें पास बुलाया महिला पहलवान को लगा कि शायद बधाय देनी हो इसलिए वहां गई तो बुच शरंग सिंह ने उन्हें अपने बेड की तरफ बुलाया बिना परमीशन के उन्हें जबरंद गले लगाया सेक्शुअल फेवर के बदले सप्लीमेंट दिलाने की बात कही गई बृजबूशन शरंज सिंग के द्वारा इसके अलावा एक आरोप है मंगोलिया में बृजबूशन ने एक महिला पहलवान को अपनी डिनर टेवल पर बुलाया वहाँ उसकी छाती पर हाथ रखा उसने तीन चार बार ऐसा किया एक बार अलग सोफे पर जब बैठी हुई थी तब किया ब्रिज़ भूशन शरंच से उसके करीब आये उसका हाथ पकड़ा घुटना जांक और गले को अलग तरीके से गलत तरीके से चूने लगा दर्ज नहीं की गई आप सोचिए कि कितनी बड़ी बात है इसमें एक नाबालिक भी शामिल है और उसके बाद भी एफ़ाईयार दर्ज नहीं की गई थी उस वक्त फिर सुप्रीम कोर्ट को दखल देना पड़ा था और अप्रिल 2023 में एफ़ाईयार दर्ज गई थी लेकिन बाद में क्या हुआ जो नाबालिक लड़की थी नाबालिक पहलवान थी उसने शिकायत वापस ले ली थी क्योंकि यह जो पूरा मसला था वो पॉकसो एक्ट लगने के बाद और ज्यादा स्ट्रॉंक हो गया था किसी भी केस में पॉकसो का लग जाना बहुत ही बड़ा जो आरोप है वो आप पे लगा देता है और उसके बाद क्या होता है कि आपके पास कोई भी लूप होल नहीं होता जिससे आप निकल सकते हैं लेकिन बाद में क्या होता है कि नावालिक पहलवान शिकायत वापस ले लेती है अब ब्रिजभूशन सरन सिंग इसके बाद क्या होता है कि 20 जुलाई 2023 से वो लगातार जमानत पर थे इस दोरान दिल्ले पुलिस के पास केस था तो चार्च शीट बंद रही थी सबसे पूछताश करने के बाद 10 माई 2024 को अदालत ने दिल्ले पुलिस की चार्जशीट के आधार पर आरोप तै किये और उसके बाद क्या हुआ ट्रायल चुरू हुआ कितने दिनों तक सोचिये आप सुनवाई चली होगी 1133 दिनों में 127 सुनवाई होई है 32 गवाहों के बयान दर्ज किये गए हैं 2 जुलाई 2026 को दोनों पक्षों की दलील पूरी होने के बाद कोट ने जो फैसला है वो सुरक्षित रख लिया था और फैसले के बाद ब्रिज़ भूशर ने जब अपने आवास पहुँचे हैं अब तो समर्थकों ने उन पर फूल बरसाए हैं, मीडिया के सवालों पर उन्होंने कहा कि मैंने कभी खुद को दोशी माना ही नहीं। हम जूनियर खिलाडियों के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे थे, संघर्ष से हमेशा निखार ही आता है। इस केस से ये बात साबित हो गई कि उलंपियन उलंपिक पदक विजेता भी अपने स्वार्थ के लिए जूट बोल सकते हैं। जाते हैं अब सांसद के बेटे हैं मैं शुरण सिंह के करण बहुत उन्होंने भी बयान दिया है उन्होंने बताया कि साझिश हुई जो कि नाकाम हुई सत्य जीत करें और संसद पहुंचने पर उन्होंने कहा कि एक समय पर मेरे पिता मजबूर किया जा रहा था सारी पार्टी साथ आकर यह कह रही थी कि फांसी दे देनी चाहिए कि आज भी वह आकर बोलेंगे कि आपके साथ जो हुआ वह गलत है पहलवानों के आंदोलन के दौरान बड़े घटनाकरम हुए उसको भी आप 18 पहलवानों ने भारती ओलंपिक संग को शिकायत सौंपी थी और भारती ओलंपिक संग ने मैरी कॉम की अध्यक्षिता में एक जांच कमीटी बनाई थी और इसके बाद 21 जनवरी 2023 को खेल मंतरी अनुराग ठाकुर से बैठक के बाद सरकार ने जांच का भरुसा दिया था पहल अप्रिल दोहजाताईस को जांच रिपोर्ट सार्जनिक नहीं होती है और कार्याई नहीं होने के आरोप लगाते हुए पहलवान फिर जनतरमंतर लौटते हैं 24 अप्रिल दोहजातारी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल होती है बृज्जबूशन के खिलाफ एफ़ाईआर की मांग को लेकर फिर 28 अप्रिल दोहजातारी सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेव के बाद दिल्ली पुलिस ने दो एफाईएर तब दर्ज की थी 28 माई दोहजाताईस को फिर गया होता है नए संसद भवन की ओर मार्च करने की कोशिश की जाती है पहलवानों द्वारा फिर दिल्ली पुलिस ने वेरिकेटिंग करके पहलवानों को हिरासत लेती है और जंतरमंतर का धरना खत्म कराया जाता है फिर 30 माई 2023 को हरिद्वार में गंगा में मेडल बहाने सारे जितने रसलों से वह पहुंचते हैं किसान नेता नरेश्ट विकायत के समझाने पर फैसला टाल दिया जाता है साथ जुन 2023 आता है इसके बाद खेल मंत्री अनुराख ठाकुर के साथ करीब 6 घंटे की बैठक के बाद पहलवान आंदोलन स्थागित करने का एलान कर देते हैं तो यह पूरी बात थी कि कैसे वह पूरा जो धरना है प्रदर्शन वह चला अब एक बार आप टाइमलाइन पर भी नजर दे दीजिए 10 माई 2024 को कोड क्या करती है कि बुशन के खिलाफ आरोप तय कर दिया जाते हैं और ट्रायल की जो मंजूरी है वह दे दी जाती है और कोड यह कहता है कि ट्रायल जाने के लिए हमारे पास पर्याप्त आधार है पर 26 माइट 2025 को कोट पॉकसो मामले में क्लोजर रिपोर्ड स्वीकार करती है ब्रिजबूशन को इस मामले में राहत मिल जाती है 3 अगस्त 2026 को फिर कोट ब्रिजबूशन वह नोटों अमर को बरी कर देती है और कोट से बरी होने का मतलब है कि कोट में जो अभियूक्त है उसके खिलाब कोई आरोप साबित नहीं हो पाया इसलिए उसे सजा नहीं दी गई लेकिन इसका मतलब यह नहीं होता है कि वह दोशमुक्त हो गया है पेड़ित पहलवान जो है पावेदन और याचिका एक साथ दायर कर सकती है तो यह पूरा मामला है जो बृजबूशन शरंद सिंह का है महिला पहलवानों का है यौन सोषण का आरोपों का है और अब जो निचली अदालत है राजवनीय कोट है दिल्ली की उससे बृजबूशन शरंद सिंह बड़ी