
Summary
बार से सबसे ज़्यादा प्रभावित हुआ है सुशागर जिला, बारिश ने बेहाल कर रखा है, 14 दिन बाद भी खौफ में जी रहे बाढ़ पीड़ित।
“हम लोग का गेस तो सब बढ़ में चला गया।”From the report
पहार अभी भी ढशने वाला है, पता नहीं हमलोगा आदमी या कोई जिंदा बचे गया या नहीं बचे गया नहीं मालूँ आज सारा दिन कोई कुछ नहीं खाया, ऐसे ही है, डर के वज़े से फॉजी से कुछ नहीं खाया है, बिसकुट पानी खाके रहा है, खना भी आया है, कुलका नहीं है। ना बर्तन है, ना गेस है, ना चूला है, चूला हमें बना लेंगे, लक्री तो चाहिए, वो भी नहीं है। हम लोग का गेस तो सब बढ़ में चला गया। the first time I saw it, the face of you is fresh. It is not gold. There is nothing. I just fear. I am afraid of this storm more. I saw it from the top of the house and from the roof of the house. I am just a fire. I am not in a state of unbearable. It is the 14th day, 14th day. We save the life of a farmer by running so much in the factory of a farm. By hand, I am already finished. बिज साल पीछे हम लोग चले गए सब बिज साल पीछे हम लोग चले गए अभी हम लोगों एक रूपया से हम लोग स्टार्ट करना पड़े इस आधिन भगवान किसी को ना दिखाए तो मैं अभी यहां पर हूं जो असम का सुशागर जिला जो बार से सबसे ज़्यादा प्रभावित हुआ है सबसे बड़ी चिंता की बात है कि बार से तो बेहाल बरबाद हो गए थे लेकिन बारिश ने बेहाल कर रखा है इतना मतलब किस तरह कैसे डराउना लग रहा है आज 14 हो गया 14 दिन मतलब ऐसा ही रात में सोने के लिए यहीं हो रहा है यहीं खाना पीना का सब व्यवस्था यहीं कर रहा जा रहा है मतलब पकलीजे कोई गाड़ी आने से हम लोगों को थोड़ा बहुत खाना बना उन्हां जो पूछ देखे जाता है यह जो बारी शोरी है लगातार पानी पुनोर दिन हो गया फ़जी से कुछ नहीं खाया है भी खाना भी आया है रुका नहीं है कितनी भी बारिश हो रही हो लेकिन जब कोई बांटने के लिए आता है तो यहां पर लोग छाता लगा के परवाह नहीं करते हो दोड़ पड़ते हैं कि मदद मिल जाएगी तो उनका घुजारा हो जाएगा आप लोग कहां से आए वह बहुत ही बहुत ही यह एक मिनट आप अपना नाम बताइए सीमा सिंह जी सीमा जी यह बताइए कि जब बाढ़ के बाद सब चौपट हो गया और लगातार भारी शोरी तो कितने तरीके इस तरीके से मुश्किलात बढ़ती जा रही है बहुत मुश्किल हम लोग यह एक तो हम लोग की चर से सब सरील एकदम पुरा खोड़ खुजली से हम लोग खत्म हो रहा है और आपका हम लोग रस्ते में है भारूर सब बरबाद हो गया समान कुछ भी नहीं है आप खाने के लिए मील रहें लेकिन अभी तक हड़साल हम लोग गांव में किसी नहीं मिला हमलों को सुनाने का हुआ जैसे ही भी हो सकते हैं या पड़े अभे भारत क्यों बढ़ द जाने का हालत में कोई नहीं है पता नहीं हम लोग आदमी या कोई जिन्दा बचे गया या नहीं बचे गया, नहीं मालूप. हम लोगों बस खाना मिल रहा है, आज सारा दिन कोई कुछ नहीं खाया, ऐसे है, डर के वज़े से. शॉप खतम, डोकोमेंस से लेके, घर से लेके, बिस्तर से लेके, हार, समान, बकडी, मुर्वी, सब खतम। तहसत में आप सोप आते हैं, कि इस तरह की बारी सो रही है, फिर से कहीं ना आगे। आग देखिये, आपका चेहरा देखिये, खतम। और आदमी का पेर दरथ, कमर दरथ सब कुछ हो रहा है नमस्तार मैं मुद्धोगीरी है मतलब अभी सामान मिल रहा है हम लोग बनाएंगे खायेंगे कैसे बनाने के लिए कुछ सुविधा चाहिए ना बर्टन है ना गेस है ना चूला है चूला में बना लेंगे मगर लकड़ी तो चाहिए वह भी नहीं है अब पब्लिका सामन दे रहा है मतलब ओ, सामन पोच रहा है। लेकिन बनाने के लिए जगह नहीं हो रहा है। हम लोग का तो गैस, जो चौका था, गैस था वो तो सब बांड में चला गया। कुछ तो बचा नहीं है। लेकिन पकली जो public जो, शाम में खिचिरी देता है, वो कोई अनाज खाना बुरना लेकर देता है वह सब खा लेता है लेकिन बनाने के लिए जगह नहीं हो रहा है और दूसरा बात हो गया आपका हम लोग का जो जतना आदमी को बाण में डूप गया है वह लोग को मतलब एक-एक को तिरिपाल चाहिए तिरपाल जतना को साइए, मतलब मिला नहीं है लेकिन यहला, जो नस्ता है हौटा मी अगी गेट खोला था। वाले इस तरफ.. लकष्य नहीं हो जाए छोड़ी। नहीं क्रम आने न हो गया । मैं चला चला जाएंगे साल्मे नैसा ठानीया में शुक्री नीचे पाता गया तैयारणा बड़ा बान हो का बोलता है कि इसे मतलब जिसमें स्किन पोंटिफिल होगी हमारे ओमर 65 पहले 65 साल में आपने इस तरह के पांव नहीं सुना था अभी सब्सक्राइब किसी का पास कुछ नहीं अभी हम लोग पिछले पिछले अभी हम लोगों को एक रूपया से हम लोग जानवर बताने की खतम हो गए आपके जानवर हम लोग का तीन बकड़ी था साथ मुरगी था वह खतम हो गया रेक्सिप्ट नियुक्त कि यहां पर ऐसा होगा बोलकर पता नहीं था बच्ची मेरा तीन है तो तो तीन साल का वहीं पर सोया हुआ है इसादिन भगवान किसी को ना दिखाए बस भगवान को भी इतना ही जो हो गया तो हो गया फिर सभी पानी बढ़ रहा है