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Summary
मेरे पीछे दिख रहा है दिर्श्य किसी अफ्रीकी देश के नहीं है ना ये कौंगो के है, ना सुडान के है ये दिर्श्य देश की ज्ञारखंड के है ज्ञारखंड की राजधानी राची के है जहाँ हजारों की तादात में चात्रा करके accountability मांग रहा है
“क्या हमारी और सरकार की दूरी इतनी ज़्यादा हो गई है कि हमारी आवाजें वहाँ तक नहीं पहुँच रही है”From the report
मेरे पीछे दिख रहा है दिर्श्य किसी अफ्रीकी देश के नहीं है ना ये कौंगो के है, ना सुडान के है ये दिर्श्य देश की ज्ञारखंड के है ज्ञारखंड की राजधानी राची के है जहाँ हजारों की तादात में चात्रा करके accountability मांग रहा है हेमन सोरेन सरकार से यहां हर छात्र की कहानी लगबग एक जैसी है चेहरे भले बदल जाएं लेकिन किसी ने 5 साल तयारी की है किसी ने 7 साल तयारी की है किसी की उम्र बीद गई तयारी करते करते लेकिन सरकारी नौकरी जो ये ढून रहे थे सिरकारी नॉकरी लापता है सिरकारी नॉकरी जो ये मांग रहे थे सरकार से वो इनने नहीं मिल पा रही है और ये मजबूर हो रहा है इस तरीके से सडकों पर उतरने के लिए वो मजबूर हो रहा है इस तरीके से मशाल जुनूस निकालने के लिए हजारों की तादात में जो यह हुआ है यह अपनी सरकार से अपनी चुनी हुई सरकार से मांग कर रहा है कि इतने दिनों से जब हम सत्या ग्रह पर बेठे हुए है तो सरकार हम तक क्यों नहीं पहुँच पा रही है क्या हमारी और सरकार की दूरी इतनी ज़्यादा हो गई है कि हमारी आवाजें वहाँ तक नहीं पहुँच रही है हमारी मांग वहाँ तक नहीं पहुँच रही है या फिर जानबूच करके सरकार हमें नजरंदास कर रही है इन द्रिश्यों को देखिये और हिंदुस्तां के कोने कोने तक पहुचाईये कि ज्हारकंड का युवा आखिर क्यों इस तरह से सडकों पर उतरने के लिए मजबूर है