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Summary
छात्र JPSC के विरुद्ध सत्याग्रह कर रहे हैं, मांग कर रहे हैं कि JPSC में हुई धानदली के लिए जवाबदेही तय हो, छात्रों के साथ विश्वासघात किया जा रहा है, छात्रों को अपनी पूरी जवानी खपानी पड़ती है, हाई कोर्ट का दरवाजा मियालय के दरवाजा घटकटाना पड़ता है, वेकेंसी नियम के हिसाब से पूरी नहीं की जाती है, छात्र काली पट्टी अपने हाथ में बांध कर प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार को जवाबदेही के लिए कह रहे हैं
“छात्रों को अपनी पूरी जवानी खपानी पड़ती है”From the report
कि सरकार को यह तय करना चाहिए कि छात्र पढ़े कि लड़े नोकरी ले लो नोकरी ले लो धारकण को कोई नहीं चिंता यहां जल जमीन जंगल बिचा गया जवानी बिचा रहा है कोई उम्मीद नहीं है करें अब हम लगा ही याचना नहीं घुठा होगा जीवन जय जाय मरन होगा वह सब्सक्राइब नहीं है हुआ है सब्सक्राइब को नियुक्त ऊपर चैनल की जा रही है यह धोड़ पर नहीं पहुंच रही है क्या हम लोग फिर पैसा नहीं है सर, सर, सर, सर, हम बता रहे हैं 50 लाख, 60 लाख रुपा या रेट क्या चला है? पैसा लेके आओ, हम तुम्हारा करवा देंगे हाँ, CGL में, CGL में, यह पूरा चला है स्टुडेंट क्या करें, यहाँ आदालत में भी हमें नयाई नहीं मिलता है वो बहुत रस्त है यहां पर हां जो बी की है लशकर भी तुम्हारा है तुम्हारा है तुम जूत को सच लीफ्ट लिया और इस दौर के फरियादी जाएं तो कहां जाएं शानूं है दर्बार तुम्हारा है कर दो इस वक्त मैं दिल्ली से लगभग 1200 किलोमीटर दूर ज्जारखंड के राची में हूँ और आपने जंतर मंतर का प्रदर्शन देखा जहां चात्र लगातार अकाउंटिबिल्टी की मांग कर रहे थे ये ज्धारकंड के युवा हैं और ये है जैपाल सिंग मुंडा स्टेडियम जहाँ पर लगातार चात्र JPSC के विरुद्ध यहाँ पर सत्याग्रह कर रहे हैं मांग कर रहे हैं कि JPSC में जो धानदली हुई है जो यहाँ CGL के पेपर में धानदली हुई है जीएससी के पेपर में और लगातार जो यहाँ पर छात्रों के साथ अगर हम सीधे तौर पर कहेंल विष्वास घात किया जा रहा है छ जो लगातार मेहनत करते हैं 6 x6 808 के कमरों में रहते हैं जिनके ऊपर परिवार की जिनमदारियां है जिनके ऊपर परिवार के सपनों का बोज है वह लोग अपनी पूरी जवानी खपा देते हैं तैयारियों में और यहां पर छात्र कह रहे हैं कि बार-बार हमें हाई कोर्ट का दर्वाजा मियालय के दर्वाजा घटकटाना पड़ता है उसके बाद भी हमारी जो वेकेंसी वो सीधी तरह से नियम के हिसाब से पूरी नहीं की जाती है और ये देखे चात्र काली पट्टी अपने हाथ में बांध कर लगातार ये प्रदर्शन कर रहे हैं मांग कर रहे हैं कि accountability नाम का जो शब्द है कि जवाब देही किसकी तय होगी समय में मूथिबांसफह अत्रिष की भृक्ति शर्म घर करे रहे हट रहे हैं खती रात गड़े पंका मुय का. है और इतने दिन से सत्याग्रह चालू है उसके बाद भी सरकार का कोई निमान नुमाइंदा इनसे मिलने क्यों नहीं आ रहा है कि तमाम सवाल है जो लगातार यहां के छात्र पूछ रहे हैं हम छात्रों से भी मिलेंगे और उसे की बात करेंगे और यह आपको बताएंगे कि वह क्या कहरें लगातार है क्या लगता है क्या लगता है सुनी जाएगी बात सुनना पड़ेगा भाईया क्यों लड़ रहें चार दिन से यह हमारा बात ना सुना जाये सरकार तो यह तय करना चाहिए कि छात्र पढ़े कि लड़े जारकण में दिन भर दस बाई दस के कमरे में एक बोरा चावल लेकर विद्यार्थी आते हैं पढ़ने के लिए और पढ़ते हैं मेहनत करते हैं फिर उनको पता चलता है कि उनका भविष्य को बेच दिया गया अब यह जारकुण का जेंजी जाग गया है, सब छात्र एक जात बन कर यहाँ पर खड़ा है, यह छात्र है और हम आंदोलन करेंगे और सरकार को हमारे सामने जुखना पड़ेगा तो देखिए इनकलाब जिंदाबाद के नारे लगा रहे हैं लोग पेपर लिख पर रोक लगा, ओ ब्रस्टाचार पर रोक लगा, ओ धांदली पर रोक लगा, इंकलोब जिन्दा बोच, जिंदाबाद जिंदाबाद अनुज मैं कहूँगा यह बड़ा डिफिकल्ट है यहां पूरा पानी भरा हुआ है और देखिए प्रदर्शन यहां बारिश हो रही है लगातार उसके बाद भी यह चात्र यहां पर डटे हुए हैं सब लोग आप लोग और सब आप लोग आप धरती हैं जैसे आप लोग जैसे आप लोग ज्यादा है यहां जल जमीन जंगल बिचा गया की जवानी बेचा रहा है और सब सीट पर पैचाई जवानी पर चाहिए तो हम लोग यह पर हमारा नहीं होगा जीवन जय मरन होगा उस टॉप क्लिक हो गया अब जो होगा देखा जाएगा यहीं लेकर लेकर लेकर जाएंगे यहां पर पर प्रमुख की नीढ है बचानी प्रेशनल अधिक हिस्से में सामिल होता है तो हम लोग लोग बहुत अच्छा हो जब यह से के द्वारा ही अ असिस्टेंट जो कंसरवेटर फॉरेस्ट और रेंज ऑफिसर दोनों का मेरा में चले रहा है मैं रनिंग करके आया हूं यहां आपको सब्सक्राइब करें और तयारी भी करने से इस चीज को कि यह आप यहां पर दिखाता है अपना सबकुछ क्वालिफाई भी लिए एक्जाम और तैयारी भी कर रहे हैं लेकिन इस तैयारी करते हुए भी इनको भरोसा नहीं है कि इनका होगा क्योंकि इतना सेटिंग अंदर से हो रहा है सभी मंत्री सभी जब सीएमो यहां पर इनवॉल्व है कुछ नहीं हो सबूतों को मिटा देगा और सबूतों को नस्ट करो कि जाकर की राजधानी में रांची में लोग क्यों प्रदर्शन कर रहे हैं क्या वजह क्या थे वजह कहती यह हमारे राज बने हुए 15 साल हो गया लेकिन आपको पता है कि हर साल जरीय एक हर साल कर रिशनेस बात करते हैं लेकिन वास्तविकता में चौड़ा भार भी नहीं हुआ तो मिला करके यह 25 वर्षों में जैसे यह जपीएसी को सेवन टू टेन जपीएसी कर देते हैं पोस्ट एक ही है वेकंसी एक ही है उसका लिए नाम सेवन एट नाइन इसी तरीके से एलिवेन और अब से शुरू हुआ है 14 जेपी असी, 15 जेपी असी यानि कि राज्य सरकार ने अपने नाकाम्याब़ियोग नाकाम्याब़ियोग को छिपाने के लिए जेपी असी की भर्ती परिक्साओं को पहले मर्च करके लिया और अब इनका कहना है कि हम हर साल लेंगे निचेच की जांच करें ताकि यारकंड के बच्चों को न्याय मिल सके अब लोग आज हमारा प्रोटेस्ट का चोह्ठा दिन इससे पहले भी बच्चे कर रहे थे लेकिन बृहतपेमानी में अगर देखा जाए तो आज इस प्रोटेस्ट का चोथा दिन है और चोथे दिन बारकंज में बाजपाल का तो कोई नामों निशान हमारे राज में नहीं है इतने कार्यकर्ता बाजपाल के कहां से आ जाएंगे यहां जितने लोग हैं आप सबमें से किसी ने एग्जाम दिया था आप में अभियारती कौन है आपने एग्जाम 14 जपिस पीटी में दिया में मैं मेंस्किल उकालिफाइब हूं को बताइए बहुत सारे लोग अपने कंफर्ट जोन में बैठे हैं इस वक्त जब यह देख जब एक एक्जाम कैंसिल होता है उसमें अनियमित्ताएं सामने आती है लगता है कि सीट बिग गई एक छात्र के तौर पर कैसा महसूस होता है मतलब यह feeling जो है यह आपको कितना तोड़ती है क्या होता है तो पहले तो जो सेंटर होता हम लोग एकजाम का वह काफी दूर दे दिया आता है चीजेज में पीलिंग्स का सेंटर मजीयाओं दे दिया गया था और दोपर में ना खाने का कुछ व्यवस्था कुछ भी तरह का पानी में कुछ भी का व्यवस्था था और अब उस उस उस टिप्पेशन में पीटी निगारा जपीएसी 14 ठीक है और उस सिच्चिवेशन में कैंसिल होता है तो हम इसको सपोर्ट करते हैं कि बड़े अस्तर पर देखा जा रहा है कि धानली हुई है यह एक्टॉली कट अप काइट ना जाना और ना और और कट अप नहीं देना मोटॉप मार्क्स नहीं देना तो यह सो करता है कि परिछे में बड़े अस्तर विधान ली हुई है और यह यह ज्ञारखण में यह परंपरा बन गया है एकजाम को लेकर के पेपर लीख की जाएगा परंपरा बनाया पेपर लिख रहा अंदर से कलर करवा करवा जा रहा है मोटोट पर सबस्क्राइब कि में क्या है इस प्रदर्शन से क्या मांग है मुझे नंबर के हिसाब से बताइए पहली मांग कि रखिए दो और पूर्व में भी जो टीडीपएल आजन्सी ज्वारा जो ली गई है सारे एक तमाम एकजाम और अभय तिवारी जो जुड़े हुए हैं वह एक एजेंट है दलाल सरकार का वह जिससे भी वह संलिप्त है सारे एकजाम को रद किया जाए फ्रेश अधियाचना वापस लेते हुए नया विज्ञापन निकाल के और निश्वाच्य पार्था इसी तरीके से परिछा लेने का हम लोग का मांख है मुख मांख और जेपेसी में 18 2018 उम्र गन्ना चुकी यहां 26 साल में परिछा बहुत कम लिख जाएगा अब उत्राखंड देखेंगे तो महत्व 26 सालों में 25 एकजाम ले गई लेकिन अभी तक जारखान में आठी एकजाम सिविल सेवा कर लिए गई है तो हम लोग मांग कर रहे हैं कि उम्रगन्ना भी जो 18 2018 घटाई जाए जो दोबाई 2022 से उसको 18 किया जाए आज जो भी सीजियल हो जेपेसी का जो शुभाव सिविल सेवा सारा रध करके वह नया फ्रेस वेकेंसी निकाल इस हिसाब से तो बहुत कम मतलब जितने लोग होने चाहिए वह सिर्फ टेट भी नहीं होंगे कम होंगे अधिकारी भी कम होंगे आप बिल्कुल इसी बाद देखिए 14 पेश में 103 seat है मात, 103 seat है, क्या 103 seat हम लोग लिए justify है, justify, बिलकुल justify नहीं है, लेकिन उसके बावजित भी 103 का 103 seat बिका हुआ है,