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Summary
छे साल का बच्चा खेलते खेलते मर गया, गड्ढा बेरिकेड नहीं किया गया, मिट्टी डाल दी गई, पट्टा लगाया गया, ठेकेदार गिरफ्तार, समविदा कर्मी हटाए गए, कारवाई के नाम पर नीचता की पराकाष्ठा, 6 साल के बच्चे की जान जाती है, मिट्टी डाली गई, पत्थर दिख रहे, ग्रेटर नोडा अथॉर्टी ने कुकरमों को धका दिया, लीपा पोती की गई, साउधान खत्रा 6 15 15 करागा कि यह खबर आपको दिखाना बहुत ज्यादा जरूरी है
“कारवाई के नाम पर नीचता की पराकाष्ठा की है”From the report
छे साल का आव्यान केलते खेलते 15 खिड़े में डूप करके मर गया। और उस गड़े को बिलकुल बेरिकेड नहीं किया गया था, बिलकुल खुला छोड़ दिया गया था। अगर अभी तो मिट्टी को गड़े में डाल दिया गया, लेकिन अगर आप उस मिट्टी को पड़े हुए देखते ना तो आप ये जज नहीं कर सकते कि मिट्टी की बिच ही तना बड़ा गड़ा है रवी अन जी, IAS अधिकारी यें 2004 बैच के मैं उनको ये दिखा दूँ ये जो पट्टा लगाया गया है ना सर इस पट्टे को अपने अधिकारियों के मुँप लगा दी अब इसका यहाँ कोई काम नहीं है योगी जी से यही मांग है जिनकी जिम्मेदारी है उनको पनिश किया जाए और सिर्फ मेरा इतना ही कहना है कि भविष में किसी बच्चे के साथ ऐसा हथसा नहों कारवाई के नाम पर ठेकेदार को गिरफ्तार किया गया, दो समविदा कर्मी जो हैं, वो हटा दिये गयें, ये कारवाई है, ये कारवाई के नाम पर नीचता की पराकाश्ठा है, इसलिए मैं कह रहा हूँ, ज.ई.मनोज चौधरी, ए.ई.गरिमा और एक्सियन विनोद कुमा मैंने वो सजा पाली कि जिसमें मेरी या मेरे बच्चे कोई गलती नहीं थी। ये लोग एक 6 साल के बच्चे के लिए मौन नहीं हैं, ये मुर्दा शांती से भरे लोग हैं, इस देश का middle class है, इस देश का आम आदमी है। जिस दिन ये शांती टूटी आप नोट कर लीजेगा सिस्टम सरकारे हिल जाएंगी लोग इतना टैक्स देते हैं उसके बावजूद उनके बच्चे की जान ऐसी इस्तिति में चली जाती है जिसके लिए वो बिलकुल भी जिम्मेदार नहीं है मां है मां यह सबस्क्राइब उस मां पर क्या बीच रही हूं बाहर नहीं निकल रहे हों परिवार से नहीं मिल पा रही हो छह साल के बच्चे का अर्थी होती हुए हिमालाय परवत के बाहर से भी ज्यादा बड़ी हो पता की तकलीफ वो कैसे समझेंगे कि वो एक टक सिर्फ अपने बच्चे की तस्वीर देख रहा है तरफ बैरिकेड लगे हैं और एक सीन को ढखा गया और बीच में मिट्टी डाली हुई पत्थर दिख रहे हैं अगर ये काम पहले किया जाता तो एक 6 साल के बच्चे की जान नहीं जाती ये जो सब धका और लीपा पोती की गई है ये ग्रेटर नोडा अथौर्टी ने अपने कुकरमों को धक करके लीप करके पोत रखा है ये आप देखिए साउधान खत्रा 6 15 15 करागा कि यह खबर आपको दिखाना बहुत ज्यादा जरूरी है यह खबर उत्तर प्रदेश के मुंख्यमंत्री योगी अधितना jest आज बहुत ज्यादा जरूरी है यह उनके पितां शिवान यादव शिवान क्या हوا था बताएंगे मुझे मैं पहले तो मैं आज की घटना में बता दूँ, कि इसका जो गडडा है करीबन, मोटा-मोटी दिखा जाए 8 by 10 या 10 by 10 भी कह सकते हैं, और गराज कम से कम इसकी 12 feet की से, उपर भी हो सकती है, और ये अच्छा-खासा गडडा किया गया था, आज की बात तो ये है की Share Your Idea की अधौर्थाती के कुछ लोग आए हैं अब उनका एक कहना था की भाई हमें ये कहा गया है की भाई दूआरा ऐसा हाध्शा ना हो तो इस घडड़ो को हम भर दिया है और हम इस घडड़ो को भर रहे हैं ठीक है, मेरा यही कहना था कि अगर आपको अलर्ट है, पहले से काम कर लेना चाहिए था, तो आज की तो यह कारवाई है कि उन्होंने गडड़ा भर दिया है, आप देख रहे हैं गडड़ा की भर दिया गया है, और अगर आप शायद मैं कुछ नीज़ पे कर आप देखेंगे जो पहले के वीडियो से इतना बड़ा गढ़ा है, बात है 25 तारे की, तो 25 तारे की शाम की बात है, मेरा बच्चा अव्यान जो है, यहाँ पे खेलते हुए, खेम खेल रहा हुआ, शायद बॉल गई, क्या गया, और दुख की बात की इस बात की कोई बैरिगेटिंग नहीं, कोई इनफॉर्मेशन नहीं, कुछ नहीं, यह गढ़ढा यहाँ पर किसले किया गया, क्यों किया गया, और यहाँ पर दो लोगों ने कोशिश की बच्चे को बाहर निकालने की, यह बात है 25 सारे की फिश्य शिनव लेकिन डॉक्टर ने अपनी पूरी कोशिश की, लेकिन बच्चा बच नहीं पाया। और मैंने फिर पुलिस को रिफॉर्म कर आई, हमने फायर कर आई, और संडे की बात है, संडे को हमने फिर पोस्टमार्टम के लिए बच्चे की बॉडी को भेजा, पोस्टमाटम के बाद, जो भी विद्धि विदान होता हमने पूरा किया और उसमें भी बहुत ज्यादा मुझे खास भी उसमें परेशानी झलनी पड़ी संशानघट के पास में भी, उसके बाद भी. जो सुची दुख इस बात का कि शायद मुझे लगता है ही गढ़धा पर क्या मेरे बच्चे के लिए था गढ़धा कर दिया गया मेरा पानी भर दिया गया बच्चा मेरा ढूप या बच्चा चला गया मेरा व्यक्ति आप भर दिया गया मेरा तो समझ नहीं शायद ऐसा क्या हो रहा है और यह आप देख रहें पिछली बड़ी मशीन है बोरिंग की मशीन है और इतना बड़ा गढ़ढा करने का जो मुझे मतलब समझ में यह भी आता है कि ना कोई यहां टैंकर मंगाया गया पानी के लिए बस बड़ा खो दो पानी भर दो बस काम चलाओ काम करना है कोई सिक्योरिटी नहीं कोई कुछ नहीं मैं क्या कहूं मैं सीच के लिए जब बताओं कि यह यह वह पिता है जो अपने आंसुं को भाभा करके मतलब जैसे आंख पथरा जाती है वह उस कर सको कि कैसे है आप यह देखो यह मशीन लगा करके पूरे की जा रही थी मैं जो ग्रेटर नोइड आफ़ॉर्टी के सीयो है रवी एंजी आईएस अधिकारी दो जार चार बैच के मैं उनको यह दिखा दो यह जो पत्ता यह जो पट्टा लगाया आ ना सर यह अपने अधिकारियों के यहां पर काम नहीं था जिसबा इन जो यह जो अधिकारियों के हो पर ले जाएगी कि यहां पर जिसको नहीं था वह भोग बच्चा चाहिए यार मतलब और इसलिए दर्शनरा the किया गया, दो संविदा कर्मी जो है, वो हटा दिये गए हैं, यह कारवाई है, यह कारवाई के नाम पर नीचता की पराकास्ठा है, इसलिए मैं कह रहा हूँ, क्यूंकि जो JEE है, जो इस इलाके के AEE है, जो तो कि जो अगर है जो जिनके अंदर में काम करते हैं जो उनके ऊपर सीटीव है और जो सियो है यह सब लोग देखें और कि यह यह yooजoo इन तीनों को बता देता हूं आपको ताकि आपको पता रहे कि कि उन्होंने बचाया जा रहा कारवाई के नाम पर उनको अटैच कर दिया जाएगा या हटा दिया जाएगा, या सस्मेंट कर दिया जाएगा लेकिन मैं योग दिखा देता हूँ, यह गडड़ा आप देखिये यह मशीन लगाई हुई है, अभी भी इस मशीन से इस मशीन से जो है बोरिंग की जा रही थी, और इस मशीन, से मतलब गडड़ा खोद करके छोड़ दिया गया था, यहां के जो, यहां के जो JEE हैं, यहां के जो A.E. हैं, गरिमा, और जो X.E.N हैं, मनोज शर्मा, यह लोग जो है, इनको क्यों बचाय जा रहा है, मैं एक बार नाम और कन्फर्म कर लेता हूँ देख करके क्योंकि में बिनके नाम इनके घाउत शर्मा जयी मनोज चाउडरी एगर गरीमा और एक्सियन विनोज शर्मा फिर से रिपीट कर रहा हूं नाम नोइडा अथॉर्टी के सीओ एंजी रवी यह नाम पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आधितनाथ तक यह पहुंचे तो आप जान लीजिए कि यहां पर बड़ा लीपापोथी की गई है 6 Greater Noida authority कर देने से काम हो जाता परिवार यह इस घर में रहते हैं थोड़ा सारा आपके साथ चल सकता तो यह इसी सुसाइटी में रहते हैं और मैं इनका घर नहीं दिखाऊंगा क्योंकि अपने व्यक्तिगत कारण होंगे लेकिन वह जेसी भी दिखा जो सामने कड़ी है और वो जो जिसने मिट्टी डाली है यह आपको जो कारवाई हो रही है इससे आपको क्या लग रहा है कि कुछ आपको इंसाफ मिलेगा न्याय मिलेगा मैं तो देखिए साहब यह कहना चाहता हूं कि जीवन में सिर्फ मैं मैं यहीं उम्मीद करता हूं कि मंत्र जी से और न्याय पालिका से जिन लोगों की जिम्मेदारी है उनको सजा दी जाए और दूसरा मेरा यह सिर्फ यहीं दिए है कि मैं आगे से किसी बच्चे के साथ ऐसा नहीं कि मैं बाप हूं इस दर्द बहुत मेरे लिए बहुत मुश्किल है क्योंकि मैंने साढ़े चीस साल का पूरा बच्चा खो दिया मैंने और मैंने वह सजा पाली कि जिसमें मेरी या मेरे बच्चे कोई गलती नहीं थी मतलब इसी बात का सबसे बड़ा दूर हमने ऐसे क्या गुना कर दिया और दिना गलती के अगर हमें कोई न्याय भी नहीं मिलेगा तो पता नहीं मेरा जीवन कैसा होगा मैं भी नहीं जानता बहुत कश्ट आने वाला समय मैं कैसे बिताऊंगा मतलब मैं इसके पहले मैं क्या कहूंगा आपसे मैं जब तस्वीर देख था तो मैं उस भावना को समझने की कुछ कर रहा था जिसको हम समझते हैं कि एक छोशा छे साल के बच्चे की जो अर्थी होती जो उसको पिता कंधा देता है तो उससे ज्यादा पीड़ा उसके उसका जो वजन होता है वो हिमाले परवत से भी जादा होता है मतलब सच बताओ कि मैंने बाद में देर से देखा लेकिन जब भी जितनी बार भी वो तस्वीर सामने आई तो इसा लग रहा था कलेजा पट जाएगा इस परिवार की पर क्या बीत रही है कबोध बाला कि � कि मिट्टी के बीचे इतना बड़ा गड़ा है। अगर मुझे भी मालूम होता, सच में मैं कभी, मतलब मुझे जरा से भी मंशा होती या पता होता, कुछ भी होता, अपने बच्चे को बही मैं क्यों खेल, घर के बाहर क्यों निकलने दो? बच्चे तो हैं, बच्चे तो खेलेंगे ना, उनका तो अधिकार है, हक है खेलने का बच्चे है, बताए. कितने बच्चे हैं आपके? दो बच्चे हैं, मेरे छोटा वाला बच्चा है यह, जो चला गया इस दुनिया से. पढ़ता था भी? जी हाँ मेरा बच्चा फर्स्ट क्लास में पढ़ता था थोड़ा जीसी भी दिखाएंगे जीसी भी ने जो किया है और फिर आपके पास मैं एक बात और जानना चाहता हूं कि जैसे यूराज के साथ हुआ वो वैसा हम लोगों ने ये कोशिश की कि दिखाएं कि वैसा दुबा बढ़ाई करेंगे यहां विधानसभा में