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Summary
6 साल के बच्चे के लिए मौन नहीं है यह मुर्दा शांति से भरे लोग हैं इस देश का मिडल क्लास है इस देश के आम आदमी है जिस दिन यह शांति टूटी आप नोट कर लीजिएगा सिस्टम सरकार हिल जाएंगे कि लोग इतना पैक्स देते हैं उसके बावजूद उनकी जो उनके बच्चे की जान ऐसी इस्तिति में चली जाती है जिसके लिए वह बिल्कुल भी जिम्मेदार नहीं है
“6 साल के बच्चे के लिए मौन नहीं है यह मुर्दा शांति से भरे लोग हैं”From the report
सिफर पकलच थी शकोया तुन मिल जाए के गड्ड़पू जेवलट अखलीन टेनियर आज विशिक आदमिन जरूरों कारण लगांद कारण ताकि बजादार इलीकर्न डेकर रिपुण्य दुपा आगलें ग्रिमच लिए गड्ड दो था अगर अभी तो मिट्टी को गड़ी में डाल दिया गया है लेकिन अगर आप उस मिट्टी को पड़े भी देखते ना तो आप यह जज नहीं कर सकते कि मिट्टी की पीछे इतना बड़ा गड़ा रवी एंजी आईएस अधिकारीय दो जार बैचके मैं उनको यह दिखा दूं यह जो पट्टा लगाया गया ना सर इस पट्टे को अपने अधिकारियों के मुँप लगा दीजिए अब इसका यहां कोई काम नहीं है योगी जी से यही मांग है जिनकी जिम्मेदारी है उनको पुनिश किया जाए और उस सिर्फ दोस्तों अपने पर करवाई के नाम पर नीचता की पराकास्था है इसलिए मैं कह रहा हूं यही मनोज चौधरी गरीमा और यह लोग जो है इनको क्यों बचाया जा रहा है मैं यह तो ना काबिले बरदासत है हम लोग इसे नहीं सहेंगे अब 6 6 यह लोग एक छह साल के बच्चे के लिए मौन नहीं है यह मुर्दा शांति से भरे लोग हैं इस देश का मिडल क्लास है इस देश के आम आदमी है जिस दिन यह शांति टूटी आप नोट कर लीजिएगा सिस्टम सरकार हिल जाएंगे कि लोग इतना पैक्स देते हैं उसके बावजूद उनकी जो उनके बच्चे की जान ऐसी इस्तिति में चली जाती है जिसके लिए वह बिल्कुल भी जिम्मेदार नहीं है कि मां है मां यह दर्श समझ सकती है कि उस मां पर क्या बीतरी बाहर नहीं निकल रहे होंगे परिवार से नहीं मिल पा रही होगी छह साल के बच्चे का अर्थी जो होती है हिमालाय परवत के भार से भी ज्यादा बड़ी हो ताकि तकलीफ वह कैसे समझेंगे कि वह एक टक सिर्फ अपने बच्चे की तस्वीर देख रहा है अ