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Summary
ग्रैफिटी बनाते समय IYC के कार्यकर्ता और उनके साथी डिटेन किए गए थे, जिस पर भी बात की जाएगी। दीवार पर कई मैसेज थे जो सवाल कर रहे थे, जैसे कि मोदी जी बुरे दिन वापस कर दो और वैंडलिजम क्यों कर रहे थे।
“मोदी जी बुरे दिन वापस कर दो”From the report
कि यार है क्या है रिजाइन मोदी अजय को अजय को कि मैं अभी दिल्ली के जंतरमंतर पर हूं आज 28 जुलाई है आज के दो दिन पहले धर्मेंत प्रधान रिजाइन कर चुके हैं यहां से प्रोटेस्ट खत्म हो चुका है लेकिन आमतौर पर जंतरमंतर पर पिछले कई सालों में जो हमने सुरक्षा व्यवस्था न्युक्ति को सब्सक्राइब लुटे हैं आरेफ के लोग दिल्ली पुलिस के भी लोग है है को इतना आम तौर पर इतना वो सुरक्षा का इंतजाम नहीं होता है आज कुछ ज्यादा है हम यहां पर यह जानने आए हैं कि यह जो जगह है वह पिछला जो सीज़ेपी का मुमेंट था जो अभी के लिए थम गया है और धर्मिन प्रधान रिजाइन दिये हैं वो कैसे सर्वाइब किया यहां पर जो यूथ शामिल हो रहे थे इसमें वो कैसे योगदान दे रहे थे हमारे साथ इंडियन यूथ कॉंग्रेस के लोग हैं आज हम इनसे बात करेंगे कि इनके ग्रैफिकेज क्या कह रहे थे और साथ में मेरे पिछे जो आप दिवार देख रहे हैं जिससे पेंट कर दिया गया है लेकिन हलका लाल, कहीं पे हलका ब्लू कलर का, हलका ब्लैक कलर का आपको धबे जैसा दिख जाएगा अकाउंटबिलिटी के उसे पूर्ट दिया गया है और पूर्ण उसे वापस वाइट कर दिया गया है लेकिन पुष्ठी आज बारिश हुई है तो उस बारिश से ये जो वाइट पेंट है वो धूल गई है और थोड़ा थोड़ा दिख रहा है हम इन से बात करेंगे इनके ग्रैफटी में क्या था और इंटरेस्टिंग चीज़ एक और है कि ग्रैफटी बनाते समय जो हमारे साथ IYC के कारे करता है ये और इनके साथियों को साउट दिली से डिटेन भी किया गया था उस पर भी हम बात करेंगे और ये जो दिवार है वाइट कलर की ये लगभग 300-300 मीटर लंबी दिवार है जो जंतर मंतर तक लगभग जाती है यह पूरा दिवार जो था वो रेजिस्टेंस का इस पूरे मुवमेंट के लिए एक कैनवास बन गया था इस पर कई सारे मेसेज थे जो सवाल कर रहे थे आप हमारा यह वीडियो देख सकते हैं जो हमने लगबग आधे गंटे का बनाया है यह दिवार रेजिस्टेंस के लिए कैनवास बन गया है मोधी जी बुरे दिन वापस कर दो आप बता सकते हैं आप लोग यह वैंडलिजम क्यों कर रहे थे आपके इस वैंडलिजम से इस मुवमेंट में कैसे योगदान हुआ यही सवाल हमसे दो दिन पहले ले जब हमें पिक किया है ग्रीन पार्क से, तो उन्होंने ऐसा सवाल कताया हवू फिसबों में घाई, क्या वैंडलिजम क्यों हूँ? तो तो यह वैंडलिजम नहीं है। नहीं है हमने तब उनको भी कहा था दुनिया भर में जितनी में डेमोक्ररेसीज हैं वहां प्रोटेस्ट का एक तरीका है अपने मैसेज अपनी आवाज उठाने का एक तरीका है दीवालों पर अपने मैसेज को लिखना है दूसरी चीज हमारी सरकार जब हमारे मैसेज को नहीं सुन रही थी तो उसके बहुत सारे तरीके हैं उसमें एक तरीका प्रोटेस्ट का यह है कि लोग जनतरमंतर में बैठे हैं सरकार तो यह बोल रहे है कि जनतरमंतर का प्रोटेस्ट इलिगल है क्योंकि अपने प्रमीशन करना चाहिए सेंगीर सेंगीर मैंने खराब करना करना चाहिए मैंने कहा किरचल नहीं मैंने खरका रहा है उनके लिए मैंने क्या दिखा रहा है movie good salabat K La है फासी पूरी अपना गांस्ट pen संब스�्कार प्रोटेस पर काम रहा था में पढ़कर नाटक में डक्पणली रीनितपी दे नारे लगाना गाना गाना, मिम टेंपलेट्स को लेकर आना और कई तरीके थे उन सारे components में से एक या ग्रैफिटी भी था जिसे IYP ने बनाया था इस पुरे दिवार पे या तिली के और भी जगों पे जिसे कुछ message तो हमने लिखे थे हमने लिखा था resign प्रधान हमने लिखा था resign अमित सा हमने लिखा था Delhi Police same on you बहुत सारे message हमने नहीं लिखे थे है ना वो जो लोग इस protest में सामिल हो रहे थे उन्होंने खुद से वो message लिखे हमारा एक start था कि जिसमें हमने कुछ message जैसे यहाँ पे लिखा हुआ है इंकलाब जिन्दाबाद आप इदर देखे यह विजिबल है क्योंकि बारेस हुई है यहां पर एना सिमिलर अलग-अलग जगह अलग-अलग स्लोगन बैन आरेसेस लिखा हुआ होगा है ना तो लोगों का जो यह गुस्सा था वह लिखा है कुछ प्रेस समथिंग अब सेम ऑन गोधी मीडिया भी लिखा हुआ था यह जो गालियां लिखी हुई थी यह आपने लिखी इसमें लिखा नहीं हमने लिखा और जैसे एक किसी ने जब लिखा भी तो मुझे लगा स्प्रे पेंट से इसको कवर कर देना चाहिए तो जब मैं को कवर करने गया तो पीछे से आकर एक लड़की ने मेरे से सवाल किया कि आप हमारी आवाज सेंसर कर रहे हो और जो मुझे जब उसने बोला तो वह बात मुझे लॉजिकल भी लगी कि I have no right to hide something इस प्रोटेस्ट में लोगों का गुस्सा था और गुस्सा साफ था लोग नरेंद मोदी को गालियां दे रहे थे लोग सरकार को गालियां दे रहे थे लेकिन आपको यह लिखान लोगों को गाली के सामने लोगों को जनता को गाली दे रहा है ख़ोबूरा का इस्की रेज के बारे में बात नहीं की गई। बदूरी जब संसत में बैठ करके ये गाली दे रहे होते हैं, तब नहीं ये बात की गई। बोधी साहब सिरे नहीं ले रहे हैं, सिरे ले रहे हैं, सेज के वेगजन, ओई बढ़ाई, लेकिन जब आप ये सारी चीजे तमाम लोगों के सामने, जनता के सामने ये बात रखेंगे, तो चीजे आपके पास भी आएंगे, यहाँ पे लिखा हुआ था थांक यू राहोल गाली हमने नहीं लिखा था थांक यू राहोल गाली किसी और ने आके बोला की जुड़जू जाइड है लाइफ वॉस पूछो हुआ था लेकिन रीजाइन रह गया है इंकलाब है वहां पर इंकलाब है कि यहां रह गया है जाइन मोदी अ कि जैमने यहां पर इस कॉर्नर पर लिखा हुआ था वॉल ऑफ डेमोक्रेसी स्टार्ट सीए और हमने ऐसा एक सिंबल दिया था कि टूअर्स दिस साइड लोग खुद से आया उन्होंने लिखना शुरू किया कुछ स्लोगन समय लिखकर छोड़ दिया था जो हमें लगा कि इस मूवमेंट की में डिमांड्स हैं कि प्रधान का रिजिनेशन हो अमित सा का स्थीफा हो कुछ और हमने उसमें जैसे कुछ ग्रैफिटी आर्टिस्ट आये उन्होंने हमने उनको कुछ-कुछ आईडिया हमने दिये कि इसके निदन उन्होंने खुद से अपने इनिशिएट करके अच्छी ग्रैफिटी बनाई वो पानी की टंकी भी दिखाई है बारा आजपाता की जय हो बात्रम बात्रम बात्रम बात्रम