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Summary
उत्तराखंड में पेपर लीक का मामला बढ़ता जा रहा है। सरकार ने दावा किया है कि वो एक्शन ले रही है, लेकिन सवाल यह है कि पिछले पांच साल में छह बड़े परीक्षा लीक हो चुके हैं।
“पेपर लीक एक बड़ा मुद्दा है जिससे देश के युवा परेशान हैं।”From the report
पेपर लीक एक ऐसा कीवर्ड है जिससे पूरा देश दुखी है देश ने हाल में एक बड़ा आंदोलन भी देखा और सिक्षा मंतरी का स्तीफा भी देखा संसत में बहस भी देखी अब आपने देखा आज ओडिसा से भी चर्चा हुई कि पेपर लीक होने की ख़बर इसके अ तमाम सवालों और इस बीच देश का एक और राज उत्राखंड भी पेपर लीक से अचूता नहीं। हाली में वहाँ पर UK Triple SC की पेपर लीक के बाद एक और उत्राखंड Technical University का परचार लीक होने का विवाज चर्चा में बना हुआ है। सरकार दावा कर रही है कि वो एक्शन ले रही है। मगर सवाल यह है कि पिछले पास साल में छे बड़े परचे लीक हो चुके हैं उत्रक. अगर सुवे के मुख्यमंत्री पुषकर सिंग्धामी सरकार उनकी सरकार एंटी पेपर लीक कानून बनने के बाद भी इन पेपर लीक को नहीं रोख पा रहे हैं। उत्राखन टेक्निकल इनुवर्स्टी से जुड़े इस पेपर लीक मामले में जांच में पाया गया कि देहरादून के शिवलिक कॉलेज आफ इंजिनरिंग में परिक्षा के दौरान वाटसेप के जरिये छात्रों तक पेपर पहुँच गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मताबिक जाच पता चला कि इन्वर्स्टी को एक मेल के जरीए पेपर लीक की शिकायत मिली थी। पुलिस जाच में एक असिस्टेंट प्रोफिसर की पेपर लीक करवाने भूमिका सामने आई। इस प्रोफेसर का नाम आशीश कुमार है, पुलिस का मुसार आशीश पेपर तयार करने वाली टीम का हिस्सा था। मीडिया रिपोर्ट्स के मताबिक आशीश 2010 से दहरदून के चार बड़े कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के पत्पता है। पिछले 16 सालों में उसे कई बार प्रश्नपत्र तयार करने वाले टीम में शामिल किया गया। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में अब मोबाइल, लैप्टॉप, ईमेल, वाटसेप, चैट और अन्रिजिटल साक्षों की फॉरेंसिक जाच की जारी है। जाच के पताबिक 8 जुलाई को Machine Learning and Internet of Things की परिक्षा हुई थी, जिसके बाद पेपर लीक की घटना सामने आई। मेल में आरोप लगा कि पेपर बनाने वाले प्रोफेसर ने 3 जुलाई की राज 22 छात्रों के एक वाटसेप ग्रुप में एकजाम के एहम सवाल भेज दिये थे। युनिवर्स्टी ने जब मेल में बताये गए सवालों को असली पेपर से मिलाया तो वो पूरी तरीके से मैच कर गए। 24 377 छात्रों के लिए दोनों पेपर अगस के तीसरे हफ्ते में दोबारा होंगे। परिक्षा की नई तारीक और सेंटर की लिस्ट युनिवर्स्टी जल्दी जारी करेगी। दूसरी तरफ पेपर लीग को लेकर सियासत भी हो रही है जो की होती है सब जगे होती है। कॉंग्रिस ने कहा है कि पेपर लीख ने सरकार के डाबों की पोल खोल दिये। कॉंग्रिस ने सरकार से मांग की है कि इस मामले की नयाईक जाच होनी चाहिये। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोधियाल ने कहा कि प्रतियोगी परिक्षाओं में बार-बार पेपर लीक की घटनाई युवाओं के भविष्च पर कुठार अगात हैं। क्या सिख्षा मंत्री अपनी जवाब दही पर कुछ बोलेंगे ऐसा इसलिए क्योंकि ये कोई पहला मामला नहीं है न उत्राखन के छात्र पेपर लीक की त्रासदी लंबे समय से जहेलते चले आ रहे हैं 2018 में वनरक्षक भरती परिक्षा 2021 में UK Triple SC Graduate Level परिक्षा 2023 में जीबी पंद किरशी एवं प्रद्योगिक विश्वद्याले बीटेक का अमपार्टमिन परीक्षा 2025 UK SSSC ग्रेजुवेट लेवल एग्जाम साल 2021 में हुई UK SSSC ग्रेजुवेट लेवल परीक्षा पेपरली की पूरी कहानी का सबसे एहम मोड रही है 2021 में दिसंबर में UK Triple SC ने Graduate Level एकजाम करवाए लेकिन जब नतीजा आया तो छात्रों के होश उड़ गए चुरिंदा सेंटर के कई सारे उम्मीदवार सेलेक्ट हुए थे कुछ बेहत औसत छात्रों को उचे ग्रेट हासिल हुए थे इन तत्यों ने परीक्षा में बड़े लेवल पर हुई धानली के शक को गहरा कर दिया चात्रों ने सड़कों पर प्रतरशन किया सरकार को इसके बाद जुलाई 2022 में इस पूरे मामले की जाँच Special Task Force को सौपनी पड़ी स्टीफ ने पहली गिरफतारी की उत्तर काशी जिले के स्कूल टीचर तनुज शर्मा की स्टीफ ने अपनी जांच में पाया कि तनुज शर्मा ने लीक पेपर सॉल्व करने मदद की थी इसके बाद गिरफतारीयों के एक सिलसला चल पड़ा कुल 49 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया इसमें 47 को गिरफतार किया गया इस नकल किरो का सरगना था उसका नाम हाकम सिंग था हाकम सिंग उतरकाशी जिले के मूरी शेत्र का रहने वाला है वो राजनितिक रूप से सक्रियत था और जिला पंचाय सदस्य भी था उसका जुड़ाओ सत्ता धारी पार्टी बीजेपी से था इससे पहले वो लिवाली के ग्राम प्रधान भी रह चुका था पुलिस ने हाकम को आगस 2022 में उत्तराखंड हिमाचल की सीमा से गिरवतार किया इसके बाद बीजेपी ने उसे पार्टी से निस्काशित भी कर दिया RMS Printing Press इसके बाद उसने ये पेपर 12-15 लाख रुपए तक में बेचे। उत्तर प्रदेश के धामपुर में उमीदवारों को परिक्षा से एक दिन पहले बैट कर पेपर सॉल्व करवाये के। सितंबर 2023 में लगबख 11 महने जेर में रहने के बाद हाकम सिंगो सुप्रीम कोट से जमानत मिल गए। अब UK Triple SC परिक्षा के परचेक लीक होने के बाद छात्रों में असंतोष था और असंतोष को शांत करने के लिए राजसरकार फरवरी 2023 में Anti-Cheating Ordinance लेकर आये। इसे अप्रेल 2023 में विदानसा में मनजूरी मिल गए। इस तरह उत्राखंड में दा उत्राखंड कंपटिटिव एग्जामिनेशन मेजर्स फॉर कंट्रोल और प्रेवेंशन आफ अनफेयर मीन्स इन रिक्विट्मेंट एक्ट 2023 या एंटी सीटिंग एक्ट शॉर्ट में कहले बना. क्या है इस एक्टी प्रावधान अगर कोई उम्मीदवार पक्के तौर पर नियमिता में पकड़ा जाए तो पहली बार में तीन साल जेल और कम से कम पांच लाग रुपए का जुर्माना दोबारा गलती करते पाय जाने पर दस साल जेल और कम से कम दस लाग जुर्माना जब आरोप पत्र दायर हो जाएं तब से उम्मीदवार को 2-5 साल तक प्रतियोगी परिशाओं बैठने से प्रतिबंधित किया जा सकता है नकल माफिया, प्रिंटिंग प्रेस और अन्य शामिल संस्थाओं के लिए आजीवन कारवास और 10 करोण का जुर्माना इस कानून ने नकल को कॉगनिजिबल और नॉन बेलेबल ओफेंस भी बना दिया उत्रकण सरकार ने इस बात का बहुत प्रचार किया कि नकल के खिलाफ उनसे कठोर कानून पुरे देश में नहीं है लेकिन ये वो बिंदू है जहां से पेपर लीक की तराज़नी एक प्रहसन की शक्ल ले रहती है साल 2025 का सितमबा फिर से UK Triple C की Graduate Level परिक्षाएं हुए इस बार भी पेपर लीक में जो गिरोश सक्रिय रहा जानते हैं उसका सरगना कौन है सही अंदाजा लगाया आपने उत्तरकाशी का हाकम सिंग्ग बीडिया रिपोर्ट्स में यही बात है एग्जाम से पहले हाकम सिंग्ग के सहयोगी पंकज गौर की एक कॉल रिकॉर्ड हुई इसमें वो परिक्षा पास करवाने के बदले 15 लाग की मांग कर रहा था बदले में हाकम सिंग की गारेंटी दे रहा था इस रिकॉर्डिंग की आधार पर उत्राखन स्टीफ ने पंकज और हाकम सिंग को परिक्षा के एक दिन पहले गिरफतार भी कर लिया था लेकिन इतना काफी नहीं था 21 सितम्मर 2025 को UK Triple C या उत्राखंड सबडनेट सबदेशेश सेलेक्शन कमिशन की ग्रेजूट इस तरीय भरती परिक्षा आयोजित की गई। खालिद मलिक कभूल किया कि उसने परिक्षा से एक दिन पहले ही सेंटर में एक मोबाइल फोन छिपा दिया था। परिक्षा के दौरान वो वाशरूम गया, वहीं से पेपर के तीन पन्नों की फोटो खीची और अपनी बहन को भेज दी। खालित मलिक को हरिद्वार से गिरफ्तार किया गया उसकी बहन साबया भी गिरफ्तार हुई सरकार ने इस मामले में तेजी दिखाते हुए हरिद्वार सेंटर पर तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेट एक दरोगा और एक सिपाही को सस्पेंड कर दिया मामले की जाँच के लिए हा� उसकी बहन साभिया और टिहरी के एक डिग्री कॉलेज की सस्पेंड सहायक प्रोफेसर सुमन के खिलाफ अधालत में चार शीट दाखिल कर दी। सीएम धामी ने तो यहां तक कह दिया था कि राजिम पेपर लीग के जरीए एक तरह का नकल जिहाद पहलाने की कोशिश हो रही है। बीटक पेपर लीग यानि बीटे चार पांच सालों में एक के बादे कई परिक्षाएं इस दाग से जोड़ती चली गई सरकार दावा करती कि उसने देश का सबसे सक्त कानून बनाया है दोशियों को जेल भजवाया SIT बनाया सीविया जाज करवाए लेकिन इसके बावजूद पेपर लीक का सिरसला थमता क्यों नहीं है आखिर ये सवाल पूछा क्यों नहीं जाना चाहिए क्या यह सिर्फ चंद लोगों करतू थे या सिस्टम में कहीं गहरी सेंध लगी हुई है इस बात का जवाब भी पुषकर सिंग्धामी सरकार को देना होगा आपकी इस पूरे मुद्दे पर उत्राखंड के एजुकेशन सिस्टम पर उत्राखंड में होते पेपर लीक्स और ये जो आरोप हैं उन पर क्या सोचना है हैं क्या उत्तर खंड सरकार आप सबको वाकई उत्तर खंड के लोगों सीरियस लगती है कि वह इस तरफ कुछ खास ख्याल रख रही ध्यान दे रही है तो कमेंट बॉक्स में जरूर बताइएगा इस ख़बार को लेकर हमारे साथ सूपियान मेरा नाम सौरव त्रिपाठी है, कैमेरे के पीछे हमारे साथ यान राख देखते रहे है, न्यूस पिंच, शुक्रिया.