Part of a cluster — open full story hub

Summary
आईआईटी और आईआईएम में फैकल्टी रिजर्वेशन की वास्तविकता को समझने के लिए एक डेटा दिखाया गया है। 2019 में संसद में दिया गया वाद के अनुसार, हिमन देश में 23 आईएटी हैं और कुल मिलाकर 8856 स्वीकृत सीटें हैं, जिनमें से 4876 सीटें जनरल हैं, 329 सीटें ओबीसी हैं, 144 सीटें SC हैं, और 21 सीटें ST हैं। इस डेटा से पता चलता है कि IIT और IIM में फैकल्टी रिजर्वेशन की कमी है और यह देश को दिशा देने वाले संस्थानों में रिप्रेसेंटेशन की कमी को दर्शाता है।
“बिलाउनली में फिर चुहा अकेला क्यों नहीं महसूस करेगा उसको हर वक्त लगेगा कि उसका शिकार हो सके।”From the report
अब मैं आपको एक और डेटा दिखाता हूं आप दंग रह जाएं 2019 में संसद में दिया वाद डेटा है हिमन देश में 23 आईएटी है कुल मिलाकर 8856 स्वीक्रत सीटे हैं जिसमें से 4876 सीटों पर जनरल है ओबीसी है 329 सीटों पर SC है 144 सीटों पर, ST है 21 सीटों पर तोटल मिला ले, तो 9% सीट है, सीट है। इस दो बास OBC SC, ST है और बाकी सीटों पर जनरल है और बाकी रिक्तपद है ये 33 IIT का ये DATA है, समझ। इसके बाद आते है आप 18IIM मिला लीजिए 18IIM में 384 स्विक्रतपद दो स्टी हैं बस दो आठ है और 27 तो लालो तो यह आयम और आईटी का डेटा बोलना है वह संस्थान जो देश को दिशा देते हैं वहां रिप्रेसेंटेशन क्यों कम इसके बाद आते हैं शीर्ष 5 आईटी पांच के टॉप पर भी बात करने तो अब जार 25 में नेचर में एक लेट छपता है जो बताता है कि 98 परसेंट प्रॉफेसर और 90 परसेंट असिस्टेंट प्रॉफेसर एक विशेष जाति से रिविलेज्ड कर सके वहां जब उनका रिप्रेजेंटेशन ही नहीं है वहां वह लोग ही नहीं जो उनके समाज से आते हैं तो बिलाउनली में इसकी फीलिंग कैसे आएगी बिल्लियों की सभा में फिर चुहा अकेला क्यों नहीं महसूस करेगा उसको हर वक्त लगेगा कि उसका शिकार हो सके