
Summary
इंस्टाग्राम पर बने रिजर्वेशन हटाओ अंदोलन पेज के दावेदारों का दोहरा चेहरा अब सब के सामने आ गया है पहले ये ढूंग करते थे कि जाती हटाओ, जाती वाद हटाओ लेकिन कल की इनकी एक पोस्ट ने इनकी असलियत खोल कर रख दिये
“बिना किसी को नीचा माने कोई खुद को उंचा कैसे साबित कर सकता है”From the report
इंस्टाग्राम पर बने रिजर्वेशन हटाओ अंदोलन पेज के दावेदारों का दोहरा चेहरा अब सब के सामने आ गया है पहले ये ढूंग करते थे कि जाती हटाओ, जाती वाद हटाओ लेकिन कल की इनकी एक पोस्ट ने इनकी असलियत खोल कर रख दिये जिसे इन्होंने बाद में डिलीट भी कर दिया उस पोस्ट में इन्होंने साप लिखा कि ये जाती खत्म करने नहीं आए और जातीवाद को खत्म भी नहीं बस कम करना चाहते हैं इनका अजीबो गरीब तरक अब आप सुनिये इनका कहना है कि जब तक आप खुद को उंची जाती का सुपीरियर कहते है तब तक कोई दिक्कत नहीं दिक्कत तब шुरू होती है जब आप दूसरे को नीचा इंपीरियर कहे अब सवाल यह है कि बिना किसी को नीचा माने कोई खुद को उंचा कैसे साबित कर सकता है जबकि कड़वी सच्चाई यह है। देश के बड़े निजरूम में एक भी दलित नेतरत्व की पोजीशन में नहीं है देश की 45 सेंटरल यूनिवर्सिटीज में सिर्फ एक SC, एक ST वाइस टांसलर हैं IIT और IIM जैसे बड़े संसानों में आज भी 80% से ज़्यादा स्टाफ समान वर्ग से आता है जबकि OBC 27%, SC 15% और ST 7.5% का कोटा ताए है बच्चों को स्कूल में जाति सूचक गालिया देना या जाति के नाम पर प्रताडित करना इनके लिए मुद्धा नहीं है पूरा मामला और इसकी टाइमलाइन समझने के लिए आप मेरा पूरा सो देखिये