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Summary
पैलेट गन चली की नहीं, जंतर वंतर पर प्रोटेस्ट करते हैं नौजवानों पर, प्रोटेस्ट ख़त्म हो गया मगर ये सवाल जिन्दा है, बहस जारी है, पुलिस कह रही की नहीं चली, मगर सामने से दावे आने जारी हैं।
“पैलेट गन चली की नहीं”From the report
पैलेट गन चली की नहीं, जंतर वंतर पर प्रोटेस्ट करते हैं नौजवानों पर, प्रोटेस्ट ख़त्म हो गया मगर ये सवाल जिन्दा है, बहस जारी है, पुलिस कह रही की नहीं चली, मगर सामने से दावे आने जारी हैं, ऐसा ही एक दावा आया है एक मीडिया रिपोर गन से प्लास्टिक पैलेट वाले दो राउंड चलाए गए। डायरी के मताबिक आरेफ ने 55 नॉन एलेक्ट्रिकल शिल, 15 एलेक्ट्रिकल शिल, पांच टियर स्मो ग्रेनेट और दो बेलिस्टिक कार्तूस जिसमें प्लास्टिक पैलेट थे उनका इस्तमाल किया याद दिलालते हैं कि घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने सोचल मेडिया पर पैलेट गन के इस्तमाल की खबरों को फेक बताया था लेकिन अब सामने आई ये अधिकारिक डायरी जो दावा है उससे अलग दिखाई देती है जो हिंदू का दावा है उसके अनुसार इस कारिवाय में कम से कम चार लोग पैलेट से घायल हुए थे इनमें 19 साल के साहिल लोचप भी शामिर है जिनके परिवार का दावा है कि पैल ऐसे हतियारों के इस्तेमाल पर रोक लगाने और घायलों को मुआवज़ा पूरा इलाज देने की मांग की है। अब सबसे बड़ा सवार यही कि अगर सरकाय रिकॉर्ड में पैलेट शराने की बाद दर्ज है जैसा हिंदू का दावा है, तो दिल्ली पुलिस ने सारोजनिक तौर पर इसके इस्तेमाल से इंकार क्यों किया इस पुरे मामले पर आप सुप्रीम कोड में क्या होता इस पर सबकी नज़र रहेगी हमारी भी नजर रहेगी आप क्या सोचते हैं इस पूरे मसले पर कमेंट बॉक्स में लेकर जरूर बताएगा मेरा नाम सौरव तिरपाठ है देखते हैं ये न्यूस पिंच