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Summary
जारखंड में चल क्या रहा है? पूरे आयोग की कुए में भांग पड़ी है और हेमन सोरेन सरकार मस्त नीन की गोली खाकर बैठी हुई है। युवा जारखंड लोग सेवा आयोग के पैदा किए गए संकट में जुलस रहे हैं।
From the report
ज्जारखंड में चल क्या रहा है? मानों पूरे आयोग की कुए में भांग पड़ी है और हेमन सोरेन सरकार मस्त नीन की गोली खाकर बैठी हुए. मैं हरान हूँ जो राहूल गांधी इस वक्त दिल्ली में लगातार पेपर लीग भरतीयों की धानदली का मुद्धा उठाकर बीजेपी को घेर रहे हैं पता नहीं क्यों उन्हें अपने गडबंदन वाली सरकार के राज जारखंड का कुछ पता ही नहीं लग रहा है किस level का corruption चल रहा है, किस level की गड़बड़ी है जारखंड में और एक भी भरती जारखंड में इमानदारी से क्यों नहीं पूरी हो रही, जो बड़े level की है विपक्ष में BJP और BJP किस मुझे जो है Paper League का मुद्दा उठाए और सरकार हेमन सोरेन की उसमें इतनी सारी पेपर लीक में धान लिया हो गए यह कोई पूछने वाला नहीं जारखंड लोग सेवा आयोग इतिहास के सबसे बड़े भरोसे के संकट की खाई में गिर चुका है मजाग बना कर रखा है मतलब समझ क्या रखा है मुझे तो यकीन नहीं हो रहा है एक बार जानकारी जुटानी शूरू की तो लगा हे भगवान जारखंड में चल क्या रहा है मानो पूरे आयोग की कुए में भांग पड़ी है और हेमन सोरेन सरकार मस्त नीन की गोली खा कर बैठी हुए खबर जारखंड से है वो राज्य जो बिहार से अलग हुआ तो लोगों ने सोचा कि अपना राज्य अपनी जमीन अपनी नौकरी होगी अपने बच्चे अब अपने राज्य की संसाधन पर अधिकार पाएंगे दिल्ली में प्रदर्शन के दोरान जो चल रहा था वहाँ जारखंड से मुझे मैसेज आते थी इवें जारखंड के दरजनों युवा जंतर मंतर पर मुझे मिले मैंने पूछा वहाँ कैसा चल रहा है बोले भाईया आप एक बार जारखंड का पता तो करिए वहाँ युवा जारखंड लोग सेवा आयोग के पैदा किये गए संकट में ऐसे जुलस रहे हैं नजाने कितने जंतर मंतर बन जाएंगे मैं बीते दिनों जारखंड गया था तब भी युवाओं की पीड़ा सुनी थी लेकिन अब मैंने थोड़ा डिटेल में जाके पता करना शुरू किया कि ये जो 29 तारीक का प्रोटेस्ट है ये होने क्यों जा रहा है तो पता है क्या पता चला जैसे जैसे परते खुली एसास हुआ कि जारखंड पबलिक सर्विस कमिशन नहीं जोल जाल पबलिक कमिशन बन चुका है अगर आप ये समझना चाहते हैं कि क्यों जंतर मंतर जैसे प्रदर्शन होते हैं क्यों युवा प्रदर्शन करने, लाठी खाने को लाचार कर दिये जाते हैं, तो बस आज हमारी बात थोड़ी देर, थोड़ी देर पक्ष विपक्ष से इतर बच्चों की सोच करके, अपने बच्चों भविष्य की सोच करके सुन लीजे, किसी राज में paper leak होता है तो किसी state में भरती आयोग की धानदी होती है किसी प्रांथ में high tech तरीके से exam में नकल होती है कहीं भाई बतिजेवाद के आरोप लगता है कहीं blacklisted company को फिर से भरती परिक्षा कराने का काम दिया जाता है लेकिन भाई साहब जारखंड में ये सब एक साथ हो रहा है सारी धानलिया एक साथ हो गई है साल 2000 में जारखंड बनने के बाद से JPSC यानि जारखंड Public Service Commission जिससे PCS बनते हैं और भी बहुत सारी परिक्षाएं होती है 2026 2026 6 7 2026 APP Backlog लिखित परिक्षा 8-12 सितंबर 2026 को होना था नहीं हुआ Inspector of Factory लिखित परिक्षा 11-12 सितंबर 2026 को एग्जाम इसका होना था रोग दिया गया Project Manager लिखित परिक्षा 19-20 सितंबर 2026 में होनी थी नहीं हुई एपेपी रिगुलर लिखित परिक्षा 25-29 दिसंबर 2026 को कराई जाने वाली थी नहीं हुई बॉयलर इंस्पेक्टर लिखित परिक्षा 26-27 सितमबर 2026 को होनी थी नहीं हुई ये सारी नौ परिक्षां स्थगित कर दिगई पोस्पॉंड कर दिगई क्योंकि जुलाई की शुरुवात में ही जब 14 मी कमबाइन सिविल सर्विसेस परिक्षा के प्रिलिम्स नतीजों की घोशना की गई तो 103 खाली पदों के लिए आयोग ने मुख्य परिक्षा के लिए 2204 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया लेकिन तभी सवाल उठने लगे पहला सवाल यह कि कैटेगरी के हिसाब से कटाओप मार्क्स क्यों नहीं जारी किया गया दूसरा सवाल यह उठा कि merit list को लेकर के कई लोगों ने दावा किया कि जारी हुई merit list पर commission के संबैधानिक सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं थे। कई उन्हें दावा किया। तीसरा सवाल उठा, सोचल मीडिया पर कुछ OMR शीट जब वाइरल होती है, दावा हुआ कि एक परिक्षारती ने OMR पर जितने गोले लगाए, यानि जितने सवाल सॉल्ब किये, उससे क्वालिफाइंग नंबर से बहुत नीचे नंबर मिले उससे, लेकिन उससे क्वालिफा� अब इसकी भी परते खोलते हैं इसके बाद एक गिरफतारी होती है नाम अभै अभै तिवारी उर्फ मनोज क्योर तिवारी इसका कच्चा चिठा सुनते चलिएगा आदमी एक है लेकिन करप्षन का ये बहरूपिया जारखंड में जहां युआओं की भरती के साथ प्रश्ट करके सरकारी नौकरी पा गया वहीं जिस कंपनी टीडी पील को परिक्षा कराने का ठेका मिलता है उसका मार्केटिंग मेनेजर बनकर भी यह काम कर रहा था आप सोचो कि किस हिसाब से काम हो रहा है और अब जब जांच में ये दावा किया गया कि ये तो अभी से नहीं बलकि लंबे वक्स से जेपीसी में परिक्षा पास कराने भर्ती कराने का ठेका लेकर जमकर पैसा कूटता रहा है 2021 11 कि यार उनके सपनों को जारखंड में ब्रस्टाचार की लैंड माइन लगा करके उडा दिया गया है आप कहेंगे कैसे तो समझिए एक बार परिक्षा कराने का ठेका TSR Data Processing Private Limited यानि TDPL नाम की कमपणी को मिलता है लखनाओ की इसी कमपणी को एग्रिमेंट का पालन न करने पर उस पर जेपीसी ने कारवाई की थी मैं दोजार पच्चिस में ब्लैकलिस्ट कर दिया था लेकिन वारे जारखंड के नीती निर्माताओं जो कमपणी ब्लैकलिस्ट की जाती है उसे एक महीने बाद ही परिशा कर जपीसी के अध्यक्ष से लेकर सरकार के सर्वे सर्वा मुख्यमंत्री तक सब ने आखे बंद कर रखी थी अब तक सिएडी ने 10 लोगों को गिरफ्तार कर लिया जारखण लोकसेवा आयोग के दफ़तर से लेकर जपीसी के अध्यक्ष रहे एल क्यांते के तक छापा मारा गया है जपीसी अध्यक्ष से स्तीफा दे चुके हैं राजिपाल उनका स्तीफा क्यांकते का मनजूर कर चुके हैं CID की टीम उनसे पूछताज कर रहे हैं इस बीच जांच का हाल भी जान लीजिए इसी साल जनवरी में करनाटक के एक ने जेपीसी चेयरमैन को शिकायत भरी चिठ्ठी लिखी और आयोजित हुई फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर यानि एफ आरो और एसी एफ मतलब असिस्टेंट कन्जरवेटर ऑफ फॉरेस्ट परिक्षा से जुड़े लगभग 500 ओमार शीट में गड़बड़ियों की शिकायत पत्र में अभय तिवारी और दो अन्य लोगों का जिक्र था लेकिन फिर भी जेपीसी और उसके अध्यक्ष सोते रहे जो ये संकेत जिससे मिलता है कि अध्यक्ष रहे ख्यांकते शायद इन गडबडियों के बारे में जानते थे या फिर वो मिले हुए थे या फिर क नए सीरे से परिक्षा हो लेकिन हर युवा का पिंच करता हुआ सवाल तो यही है कि जिस झारखंड में एक तरफ पहली और दूसरी कमबाइंड सिविल परिक्षा सेवा परिक्षा समेध कुल 11 नियुक्ति परिक्षाओं को जांच चोहे कि चीज कर रही है वहीं अब हाल में हुई छह भरती परिक्षा भी जाज के दारे में है भविष्य कि नौ परिक्षा पोस्ट्रॉन हो चुकी है आप समझ रहे हैं किस लेवल का करप्शन चल रहा है किस लेवल की गरगड़ी गड़बड़ी है जारखंड में वह जारखंड का युवा अब कैसे भरोसा करें कि जो अगली परिक्षा होगी जिसमें वह बैठेंगे उसे वच्चित रिजॉर्ड पहुंचाकर अपनी कुरसी बचा लेते हैं और करना भी चाहिए ठीक है अगर सामने से इस तरीके का अपना है जा रहे तोड़कर इसमें कोई बुराई नहीं लेकिन इन्हीं के पांच साल इनको पांच साल मौका देने वाले युवाओं को एक मौका इमानदारी से भरती परिक्षा देने का क्यों नहीं मिल रहा है और एक भी भरती जारकंड में इमानदारी से क्यों नहीं पूरी हो रही है जो बड़े लेवल की है। बेटा क्या कर रहा है उत्तय मच आता मघर उत्तय लगों की कुछ तैयारियों कर रहे हैं पीड़ा को वह सत्ते आ जिनोंने कभी परिशा दी हो जिनका पढ़ाई लिखाई से वास्ता हो और इसके बाद क्या होता है कुछ बच्चे घर चले जाते हैं क्योंकि ये जवाब नहीं दे पाते हैं अपने माता पिता को अब क्या करें कुछ युवा प्रदर्शन को मजबूर हो जाते हैं जिनके भीतर गुस्सा उनके राजजी की राजधानी में धरना देने के लिए या फिर उने जंतरमंतर तक पहुचा देता है। समस्या एक और भी है, सरकार CID से जाच करा रही है, जिस पर यूआ भरोसा ही नहीं कर रहे हैं। CID, CBI पहले से कई मामलों की जाच कर रही है, उस पर पहले से जाच का बोज है, मतलब जाच भी होगी तो नियाय मिलेगा इसकी गैरंटी नहीं है, मैं हरान हूँ जो राहूल गांधी इस वक्त दिल्ली में लगातार पेपर लीक भर्तियों की धानली का मुद्धा उठाकर बी मॉडल नहीं बनाएंगे पारदर्शी भरती स्थापित नहीं करेंगे तब तक आप बीजेपी से सवाल कीजिए बीजेपी आप से सवाल करें पिसने को छोड़ दीजिए हमारे देश के युआओं को अपनी सत्ता का जय जोहार करते रहिए और ये युआओं के बीच चलने व अगर ऐसे काम होगा तो कैसे बचा रहेगा जारखंड लोगसेवा आयोग इतिहास के सबसे बड़े भरोसे के संकट की खाय में गिर चुका है इसको नहीं निकाला गया तो लाखों युआओं के साथ यह गद्दारी होगी और हम वादा करते हैं यह गद्दारी हम नहीं नहीं होने देंगे यह गद्दारी हम नहीं होने देंगे न्यूजरूम से रिपोर्ट करेंगे जब भी जरूरत लगी हारखंड जाकर के रिपोर्ट करें और